कोई कह दो अर्जुन को
कोई कह दो अर्जुन को
आँखों पर पट्टी बाँध हस्तिनापुर
चैसर के दाँव- पेंच में
मस्त है
व्यस्त है गुरूकुल
एकलव्य का अंगूठा काट
अर्जुन को सर्वश्रेष्ठ धनुर्धर सिध्द करने में।
ऐसे में कौन बचायेगा लाज
द्रौपदी और विराट देश की ?
कोई कह दो अर्जुन को कि
यह समय रंग महल में नाचने गाने का नहीं है
कि अब यह समय निकल चुका है अज्ञातवास के चंगुल से
कि अब वह उठा ले अपना गांडीव
कि अब वह नहीं रहा बृहन्नला।
धर्मेन्द्र निर्मल
9406096346
Comments