जातिवाद

 जातिवाद

चुम्बक खीचेगा 

टिन ही क्यों न हो

हीरा अमूल्य है

चंदन बहुमूल्य

क्या लेना क्या देना उसको

उसे चाहिए जाति अपनी

चुम्बक खीचेगा 

टिन ही क्यों न हो।



धर्मेन्द्र निर्मल

9406096346

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