रिश्ते
रिश्ते
विश्वास की सख्त धरा पर
खड़े रिश्ते
इतने नाजुक होते हैं कभी
गुब्बारे से फूट पड़ते हैं
सड़ी सी बात चुभो जाती है
शक सुई
भोथी एकदम भोथी जब.
भावनाओं की नाजुक रस्सी से
बँधे रिश्ते
इतने सख्त होते हैं कभी
तोड़े नहीं टूटते महाबलियों के
विषम परिस्थितियोें के दौर में भी
पड़ नहीं पाते दौरे
मनमुटाव के.
धर्मेन्द्र निर्मल
9406096346
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